नैनीताल , नवम्बर 03 -- उत्तराखंड की केबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू को उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिल पायी है। न्यायालय ने गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता श्री साहू की ओर से अदालत से गिरफ्तारी पर रोक लगाने और उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द करने की मांग करते हुए कहा गया कि उस पर लगाये गये आरोप बेबुनियाद हैं। वह निर्दोष है और उसे फंसाया जा रहा है। वह लंबे समय से साथ रहे हैं।

दूसरी ओर केबिनेट मंत्री श्रीमती आर्य की ओर से याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए कहा गया कि आरोपी की ओर से उसे बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें सभी कंपनियों से हटा दिया गया है और उनके 80 प्रतिशत शेयर भी बेच दिए गए हैं। इससे उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। आरोपी ने धमकी भी दी है। प्रदेश सरकार की ओर से भी याचिका खारिज करने का विरोध किया गया।

अधिवक्ता संदीप कोठारी ने कहा कि अंत में अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है।अदालत इस मामले में विस्तृत आदेश पारित करेगी। अदालत के निर्णय से याचिकाकर्ता गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है।

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