नई दिल्ली , नवंबर 12 -- सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध को आधुनिक युद्ध की ' जीवंत प्रयोगशाला' की तरह बताते हुए बुधवार को कहा कि भारतीय सेनाएं युद्ध की तैयारी और रणनीतिक मजबूती के लिए इससे सामरिक तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सीख ले रही हैं।

सेना प्रमुख ने मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान में दिल्ली रक्षा संवाद में बोलते हुए कहा कि रूस- यूक्रेन युद्ध से सबक लेकर भारत सीमाओं पर अपनी तैयारियों को आकार दे रहा है।

उन्होंने कहा, " हम यूक्रेनी युद्धक्षेत्रों पर कड़ी नज़र रख रहे हैं क्योंकि यह हमारी सीमाओं पर मौजूद परिस्थितियों के संदर्भ में एक जीवंत प्रयोगशाला की तरह है।" उन्होंने कहा, " ड्रोन बख्तरबंद टुकड़ियों पर नज़र रख रहे हैं, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध रेडियो को जाम कर रहा है, सटीक हमले 100 किलोमीटर से भी अधिक दूरी तक पहुंच रहे हैं और 'सूचना-अभियान' से गोला गिरने से पहले ही युद्ध जीता जा रहा है। "सेना प्रमुख ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान चल रही 'आख्यानों की लड़ाई' का ज़िक्र करते हुए धारणाओं को आकार देने में सूचना युद्ध के बढ़ते महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि 'आख्यान की लड़ाई ' में आपको युद्ध की सही तस्वीर नहीं मिल पाती।

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