नयी दिल्ली , मई 15 -- रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस ने भारत को तेल की आपूर्ति बढ़ा दी है। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि ईरान-अमेरिका युद्ध में भारत एक बेहतर मध्यस्थ हो सकता है क्योंकि उसके पास व्यापक कूटनीतिक अनुभव और प्रभाव है।
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत आए श्री लावरोव ने शुक्रवार को राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत को तेल आपूर्ति के मुद्दे पर कहा, "यह कोई गुप्त डेटा नहीं है, यह वैश्विक मीडिया में प्रकाशित हुआ है और यह दर्शाता है कि भारत को तेल की आपूर्ति बढ़ी है। यह हम पर निर्भर नहीं करता है, यह अधिक ऊर्जा की आपूर्ति के लिए भारतीय अनुरोधों पर निर्भर करता है। हम इसी तरह आगे बढ़ रहे हैं।"उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने रूसी तेल आयात पर छूट के विस्तार के लिए अमेरिका से संपर्क किया है, क्योंकि ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में संकट पैदा हो गया है। वर्तमान अमेरिकी छूट 16 मई तक मान्य है। अमेरिका ने भारत से रियायती रूसी कच्चे तेल की खरीद कम करने को कहा है, जिसका दोष वह निरंतर जारी यूक्रेनी संघर्ष में मॉस्को को वित्तपोषित करने पर मढ़ता है।
डेटा और एनालिटिक्स कंपनी केपलर के आंकड़ों के अनुसार, रूस से भारत का तेल आयात बढ़ा है, जो मई 2026 के पहले पखवाड़े में 23 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिससे रूस भारत का शीर्ष आपूर्तिकर्ता बन गया है। फारस की खाड़ी के आसपास ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान के कारण, पश्चिमी एशिया के आपूर्तिकर्ताओं से भारत का कच्चा तेल आयात 61 प्रतिशत तक गिर गया है।
अमेरिका-ईरान युद्ध में पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थ की भूमिका निभाने के सवाल पर रूसी विदेश मंत्री ने कहा, "आप देख सकते हैं कि पाकिस्तान मौजूदा संकट और तत्काल समस्याओं को हल करने के लिए ईरान तथा अमेरिका के बीच संवाद स्थापित करने में मदद कर रहा है। और यदि हम दीर्घकालिक मध्यस्थ की बात करें, तो भारत के व्यापक कूटनीतिक अनुभव, अधिकार और प्रभाव को देखते हुए यह भूमिका भारत द्वारा निभाई जा सकती है।"श्री लावरोव ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के हिस्से के रूप में इस वर्ष के अंत में रूस का दौरा करेंगे। श्री लावरोव ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुष्टि की है कि इस साल रूसी संघ की यात्रा करने की उनकी बारी है। हम इस बैठक की तैयारी करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इस वर्ष के अंत में ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए नयी दिल्ली आने की संभावना है।
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