बीजिंग , अप्रैल 15 -- रूस ने बुधवार को ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार के समाधान में सहायता करने की अपनी पेशकश को दोहराया है। यह पेशकश ऐसे समय में आई है जब अगले कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच नए दौर की वार्ता की संभावना जताई जा रही है।
रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को ईंधन-ग्रेड सामग्री में बदलने या उसे इस तरह से संग्रहीत करने में मदद कर सकता है जिससे ईरान के 'शांतिपूर्ण संवर्धन के अधिकार' का उल्लंघन न हो।
रूस की यह पेशकश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने वाला है और अगले दौर की बातचीत जल्द हो सकती है।
श्री लावरोव ने अपनी चीन यात्रा के दौरान ईरान के रुख का बचाव करते हुए कहा, "यदि अमेरिकी हमले नहीं होते, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं करता।" उन्होंने खाड़ी में तनाव कम करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच निरंतर बातचीत का आग्रह किया।
अमेरिका-ईरान वार्ता में विवाद का मुख्य बिंदु ईरान का अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का भंडार है, जिसे परमाणु हथियारों के निर्माण की संभावना के रूप में देखा जाता है। कूटनीति को फिर से शुरू करने के लिए एक और प्रमुख मांग मिसाइल क्षमताओं को खत्म करने की है।
सीएनएन ने व्हाइट हाउस के अधिकारियों के हवाले से कहा कि अमेरिका ने मांग की है कि ईरान संवर्धन रोके और जमीन के नीचे जमा किए गए अनुमानित 460 किलोग्राम अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को सौंप दे।
पिछले सप्ताहांत इस्लामाबाद में हुई बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने संवर्धन को रोकने पर चर्चा की थी। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति परमाणु संवर्धन को पुरी तरह रोकने के पक्ष में हैं।
रूस ने पहले 2015 के परमाणु समझौते (जेसीपीओए) के तहत ईरानी यूरेनियम को संभालने में भूमिका निभाई थी। श्री लावरोव ने कहा कि रूस नए सिरे से होने वाली बातचीत में अपने यूरेनियम भंडार के संबंध में ईरान द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय का सम्मान करेगा।
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