नयी दिल्ली , जुलाई 31 -- भारत ने कहा है कि उसने रूस और यूक्रेन का युद्ध शुरू होने के बाद से रूसी सेना में मजबूरी में काम करने वाले कुल 139 भारतीय नागरिकों को छुड़ाया है और 20 से अधिक अभी भी वहां फंसे हुए हैं।
अमेरिका ने वर्ष 2025 से अब तक करीब पांच हजार भारतीय नागरिकों को वापस भेजा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यहां मीडिया ब्रीफिंग में सवालों के जवाब में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि रूसी सेना में काम करने वाले 139 भारतीय नागरिकों को अब तक छुड़ाया जा चुका है और बाकी बचे 20 से अधिक भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन मामलों को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से जोखिम भरे और फर्जी नौकरी के प्रस्तावों से सावधान रहने की अपील की है।
अमेरिका से वापस भेजे गये भारतीय नागरिकों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि इस वर्ष अब तक 1273 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया गया है जबकि वर्ष 2025 में 3567 भारतीय नागरिकों को वापस भेजा गया।
श्री जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्रालय इन लोगों के निर्वासन से पहले व्यापक जांच के आधार पर पुष्टि करता है कि ये भारतीय नागरिक हैं। ट्रंप प्रशासन अवैध रूप से अमेरिका में रहने वाले लोगों के खिलाफ पिछले कुछ समय से अभियान चला रहा है।
रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा भारत सहित कुछ अन्य देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने से संबंधित सवाल पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत इस स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। ऊर्जा सुरक्षा पर भारत का दृष्टिकोण जगजाहिर है कि भारत अपनी प्राथमिकताओं और अपने नागरिकों के हितों को देखते हुए विविध स्रोतों से अपनी ऊर्जा जरूरत पूरी करता है और इस मामले में अमेरिका में संबंधित पक्षों के साथ बातचीत की जा रही है।
अमेरिका में पढाई पूरी करने के बाद वहां नौकरी करने वाले विदेशी छात्रों से एक लाख डालर की फीस लेने के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि आव्रजन नियमों में बदलाव के कारण भारतीय छात्रों पर पड़ने वाले प्रभाव के मुद्दे संबंधित सरकारों के साथ उठाये जा रहे हैं।
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