वॉशिंगटन , मई 20 -- अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को क्यूबा के स्वतंत्रता दिवस पर वहां की जनता को संबोधित संदेश में देश की आर्थिक स्थिति और लंबे मानवीय संकट को और भी बदतर करने का आरोप वर्तमान कम्युनिस्ट नेतृत्व पर लगाया है।

श्री रुबियो ने कहा, "आपके पास बिजली, ईंधन या भोजन न होने का असली कारण यह है कि आपके देश पर नियंत्रण रखने वालों ने अरबों डॉलर लूटे हैं, लेकिन इसमें से कुछ भी जनता की मदद के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया।"यह वीडियो संदेश श्री रुबियो के अमेरिकी सरकार में विदेश मंत्री का पद संभालने के बाद से क्यूबा के लोगों के लिए उनका पहला सीधा संबोधन है, जो क्यूबा सरकार के खिलाफ ट्रंप प्रशासन के व्यापक दबाव अभियान का एक हिस्सा है।

उनका अधिकतर भाषण 'गाएसा' पर केंद्रित रहा। श्री राउल कास्त्रो की ओर से स्थापित और सेना के नियंत्रण वाला यह एक ऐसा विशाल व्यावसायिक समूह है, जो होटल, बैंक, खुदरा व्यवसायों और अमेरिका से आने वाले धन सहित क्यूबा की अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्सों को नियंत्रित करता है। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, श्री रुबियो ने दावा किया कि यह समूह इस द्वीप देश की लगभग 70 प्रतिशत अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करता है। इसके साथ ही उन्होंने सैन्य अभिजात्य वर्ग की अकूत संपत्ति और एक औसत क्यूबाई नागरिक की स्थिति के बीच के बड़े अंतर को प्रमुखता से सामने रखा।

श्री रुबियो ने कहा, "क्यूबा किसी 'क्रांति' से नियंत्रित नहीं होता, बल्कि क्यूबा को गाएसा नियंत्रित करता है।" उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह क्यूबा के लोगों को "लगातार 'बलिदान' देने के लिए मजबूर कर रही है और शिकायत करने की हिम्मत करने वाले हर व्यक्ति का दमन कर रही है।"विदेशों में रहने वाले क्यूबा के लोगों की कामयाबी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "मीडिया से लेकर मनोरंजन तक, निजी क्षेत्र से लेकर राजनीति तक और संगीत से लेकर खेल तक, क्यूबाई लोग केवल एक देश को छोड़कर बाकी सभी देशों में, सभी उद्योगों में सफलता के शिखर पर पहुंचने में सफल रहे हैं और वह एक देश खुद 'क्यूबा' है।"जल्द ही अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से श्री राउल कास्त्रो के खिलाफ एक अभियोग जारी किये जाने की उम्मीद है। यह मामला 1996 में 'ब्रदर्स टू द रेस्क्यू' संचालित मियामी स्थित दो बचाव विमानों को मार गिराने के आरोपों से जुड़ा है। क्यूबा की सरकार और उसके समर्थक इस द्वीप की परेशानियों के लिए लंबे समय से अमेरिका के जारी प्रतिबंधों, ट्रंप प्रशासन के नये प्रतिबंधों और उस तेल की कमी को जिम्मेदार ठहराते हैं, जो उसे वेनेजुएला से मुफ्त में मिलता था। यह आपूर्ति तीन जनवरी को वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अमेरिका के अपहरण कर लेने से पहले तक जारी थी।

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