रुद्रप्रयाग,04अप्रैल(वार्ता) उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में चारधाम यात्रा 2026 के मद्देनजर जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर संचालित सभी होटल, लॉज, रिसॉर्ट, धर्मशाला और होमस्टे संचालकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन ने कहा है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवासीय इकाइयों को अपनी दरें जिला पर्यटन कार्यालय रुद्रप्रयाग से अनिवार्य रूप से स्वीकृत करानी होंगी। उक्त आशय की जानकारी देते हुए जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि यदि केदारनाथ धाम यात्रा अवधि के दौरान कोई भी व्यवसायिक इकाई स्वीकृत दरों से अधिक शुल्क वसूलते हुए पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी इकाइयों के लिए उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल एचटीटीपी://उत्तराखंडट्यूरिज्म .जीओवी.इन/ट्रेवल पर पंजीकरण कराना भी अनिवार्य किया गया है। बिना पंजीकरण के संचालन करने वाले प्रतिष्ठानों पर चालान की कार्रवाई होगी।
यह आदेश उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली 2014 (संशोधित 2016) के तहत जारी किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल या अन्य आवासीय इकाइयों पर 10,000 रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।
प्रशासन ने सभी होटल संचालकों से अपील की है कि वे समय रहते पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर और पारदर्शी सुविधाएं मिल सकें।
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