रुद्रप्रयाग , जून, 16 -- उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर शॉर्टकट लेने की कोशिश चार युवक यात्री मुख्य मार्ग से भटककर नदी के दूसरे किनारे दुर्गम क्षेत्र में फंस गए जिन्हें राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) ने सोमवार देर रात सफल बचाव अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला।
मंगलवार को एसडीआरएफ ने जानकारी देते हुए कहा कि 15 जून की देर रात कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग से एसडीआरएफ पोस्ट लिनचोली को सूचना मिली कि चार युवक यात्री केदारनाथ पैदल मार्ग से भटककर सुनसान और अंधेरे क्षेत्र में फंस गए हैं। यात्री सहायता के लिए पुकार रहे थे और अत्यधिक भयभीत थे।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई। टीम ने मोबाइल फोन के माध्यम से यात्रियों से संपर्क स्थापित कर उनकी संभावित जगहों का पता लगाया और उन्हें सुरक्षित रहने के निर्देश दिए।
घने अंधेरे, सघन झाड़ियों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच एसडीआरएफ जवानों ने विशेष आपदा प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए रात्रिकालीन खोज एवं बचाव अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सभी यात्रियों को सुरक्षित खोज निकाला और उन्हें मुख्य पैदल मार्ग तक पहुंचाया।
रात्रि अधिक होने और आगे का मार्ग जोखिमपूर्ण होने के कारण यात्रियों को लिनचोली में ही सुरक्षित रात्रि विश्राम के लिए रुकवाया गया। बताया कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
बचाए गए यात्रियों में साहिल कुमार (20 वर्ष), सुजीत कुमार (18 वर्ष) एवं हिमांशु (24 वर्ष) निवासी वैशाली, बिहार तथा रूपेश (17 वर्ष) निवासी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
एसडीआरएफ ने यात्रियों से अपील की है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान केवल निर्धारित पैदल मार्ग का ही उपयोग करें और शॉर्टकट के चक्कर में जोखिम न उठाएं, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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