रुद्रपुर , मई 09 -- उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के रूद्रपुर में किसानों के लिए सरकार द्वारा अनुदान पर उपलब्ध कराई जा रही नीम कोटेड यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए शनिवार को प्रशासन और कृषि विभाग की ओर संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की गयी।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार सिंह यादव ने बताया कि यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए रुद्रपुर स्थित सिडकुल क्षेत्र की कई प्लाईवुड फैक्ट्रियों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्रियों में मौजूद यूरिया के भंडार का सत्यापन किया गया तथा टेक्निकल ग्रेड यूरिया की खरीद, बिलों और स्टॉक का गहन जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों के लिए सरकार द्वारा अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराई जा रही कृषि उपयोग की यूरिया का इस्तेमाल यदि किसी औद्योगिक इकाई में किया गया तो संबंधित के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. यादव ने बताया कि किसानों की फसल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए भारत सरकार नीम कोटेड यूरिया को भारी अनुदान पर उपलब्ध कराती है। 45 किलोग्राम के एक बैग की कीमत मात्र 266.50 रुपये निर्धारित है जबकि औद्योगिक उपयोग के लिए मिलने वाली गैर-अनुदानित टेक्निकल ग्रेड यूरिया 50 किलोग्राम के बैग में लगभग 3500 रुपये में बाजार में उपलब्ध है। ऐसे में सस्ती कृषि यूरिया को उद्योगों में खपाने की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है।
कृषि विभाग ने जिले के किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अनुदानित यूरिया का उपयोग किसी औद्योगिक इकाई में होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग या स्थानीय पुलिस को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन की इस कार्रवाई से सिडकुल क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं किसानों ने सरकार और प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। इस दौरान सिडकुल महाप्रबंधक एवं उपजिलाधिकारी रुद्रपुर मनीष सिंह बिष्ट भी मौजूद रहे।
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