हरिद्वार , अगस्त 26 -- उत्तराखंड में हरिद्वार जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल के निर्देश पर परियोजना निदेशक ज्योति (आईएएस प्रशिक्षु) और जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान (रीप) ब्रह्मा कांत भट्ट ने बुधवार को विकासखंड चंबा क्षेत्र का भ्रमण कर रीप परियोजना के तहत संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों, सीएलएफ, एफपीओ और व्यावसायिक इकाइयों की गतिविधियों का जायजा लेते हुए गुणवत्ता सुधार, बेहतर प्रबंधन और गतिविधियों के विस्तार पर जोर दिया।

निरीक्षण की शुरुआत अभिनंदन आजीविका स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित फूड कार्ट और टिफिन सर्विस से हुई। अधिकारियों ने टिफिन सेवा की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता की जानकारी लेते हुए इसे अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद अभिनंदन एफपीओ और सीएलएफ कार्यालय का निरीक्षण कर आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली गई। सीएलएफ की ओर से संचालित डेयरी फार्मिंग का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया।

अधिकारियों ने हेवलघाटी सीएलएफ की वे-साइड ईटरी, कृषि व्यवसाय केंद्र भंडारगांव, ब्लूबेरी फार्मिंग और ग्राम गुनोगी में संचालित गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान गतिविधियों की वर्तमान स्थिति, संचालन व्यवस्था और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

एफपीओ स्टाफ को निर्देश दिए गए कि 10 सितंबर तक सभी सीएलएफ से अधिक उत्पादन वाली फसलों का डेटा जुटाया जाए। इस डेटा के आधार पर एफपीओ के अंतर्गत उपलब्ध और संभावित उत्पादों की सूची तैयार कर उनके चयन, संग्रहण और आगे की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से व्यवस्थित किया जाएगा।

डेयरी फार्मिंग के निरीक्षण के दौरान रानी एसएचजी की गतिविधियों का भी जायजा लिया गया। परियोजना निदेशक ने ब्लॉक स्तर पर गोबर एवं प्लांट उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर स्वयं सहायता समूह की आय को मजबूत किया जा सके।

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