जयपुर , मई 30 -- औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति के तहत राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने प्राइवेट डेवलपर्स के माध्यम से औद्योगिक पार्क विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
रीको प्रबंध निदेशक सुरेश ओला ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्कों के विकास के गत 18 मार्च को औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति का अनावरण किया गया था और इस नीति मॉडल 'ए' और 'डी' के तहत प्रदेश के नौ स्थानों पर 645 हेक्टेयर भूमि में नए पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके लिए एक जून से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
श्री ओला ने बताया कि प्रदेश में विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्कों का विकास, भूमि-जल-ऊर्जा संसाधनों का वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग तथा लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से यह नीति लागू की गई है। इससे विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्कों का विकास होगा तथा राजस्थान देश-विदेश में विश्वसनीय एवं भविष्य-उन्मुख औद्योगिक गंतव्य के रूप में स्थापित होगा। इस नीति के बेहतर क्रियान्वयन के लिए चार मॉडल- ए, बी, सी और डी निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मॉडल 'ए' के तहत रीको द्वारा आवंटित लगभग 374 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर निजी डवलपर द्वारा पार्कों का विकास किया जाएगा। इन चिह्नित स्थानों में बालोतरा के वेदरलाई गांव में करीब 58 हेक्टेयर, धौलपुर के बिजौली गांव में करीब 38 हेक्टेयर, चित्तौड़गढ़ के नरबदिया गांव में करीब 23 हेक्टेयर, भीलवाड़ा के कोड़िया गांव में करीब 21 हेक्टेयर, दौसा के राजाहेड़ा, गूढ़ा आशिकपुरा और नूरपुर गांव में करीब 135 हेक्टेयर, बूंदी के मायेजा गांव में करीब 27 हेक्टेयर और डीडवाना कुचामन के भाकरी मोलास गांव में करीब 72 हेक्टेयर भूमि शामिल है।
श्री ओला ने बताया कि मॉडल 'डी' के तहत पीपीपी मोड पर कुल 271 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। अजमेर के कनईकलां गांव में करीब 107 हेक्टेयर भूमि तथा दौसा के कोटवालों का बास, नांगल झामरवाड़ा, रालतवाता और सुधरामपाड़ा गांव में करीब 164 हेक्टेयर भूमि शामिल है।
इस नीति के तहत निजी क्षेत्रों में औद्योगिक पार्कों को चार विकास मॉडलों पर विकसित किया जाएगा। मॉडल-ए में रीको द्वारा आवंटित भूमि पर पूरी तरह निजी डवलपर द्वारा विकास किया जाएगा। वहीं, मॉडल-बी के अंतर्गत औद्योगिक पार्क के लिए 80 प्रतिशत भूमि विकासकर्ता द्वारा एवं शेष 20 प्रतिशत भूमि रीको द्वारा निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी।
इसी तरह, मॉडल-सी के तहत पार्क के लिए संपूर्ण भूमि की विकासकर्ता द्वारा व्यवस्था की जाएगी तथा मॉडल-डी पीपीपी मॉडल पर आधारित होगा। नीति के तहत निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों के लिए कम से कम 50 एकड़ क्षेत्रफल तथा न्यूनतम 10 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना अनिवार्य होगी।
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