पटना , जनवरी 30 -- बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने रिश्वतखोरी के जुर्म में शुक्रवार को वन विभाग के एक रेंजर को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा के साथ बीस हजार रूपए का जुर्माना भी किया।
निगरानी के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने मामले में सुनवाई के बाद वैशाली जिला के तत्कालीन रेंजर सीताराम चौधरी को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को एक माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।
मामले की विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह ने बताया कि मामले के शिकायतकर्ता के ट्रक को जलावन की लकड़ी के साथ पकड़ा गया था। ट्रक का ऑनर बुक और ड्राइविंग लाइसेंस लौटाने के एवज में दोषी रिश्वत की मांग कर रहा था । मामले के सत्यापन में आरोप सत्य पाया गया। उसके बाद निगरानी के अधिकारियों ने 11 दिसंबर 1997 को दोषी को नेहरू नगर स्थित उसके आवास पर शिकायतकर्ता से डेढ़ हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था । मामले की प्राथमिकी निगरानी थाना कांड संख्या 42 /1997 के रूप में दर्ज की गई थी ।आरोप साबित करने के लिए अभियोजन ने इस मामले में सात गवाहों का बयान अदालत में कलमबंद करवाया था ।
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