नूंह , अक्टूबर 14 -- हरियाणा के राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार पिनगवां सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीरपाल और एमपीएचडब्ल्यू मोनू शर्मा के खिलाफ बुधवार को अदालत में चालान (चार्जशीट) पेश किया। दोनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से ढाई लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।
आरोप है कि शिकायतकर्ता के बेटे से जुड़े मामले में मेडिकल सैंपल में बदलाव करने, मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) में पक्ष में राय दिलवाने और मामले में मदद करने के नाम पर आरोपियों ने कुल 3.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसके बेटे के खिलाफ इस साल 13 अगस्त को थाना पिनगवां में एनडीपीएस एक्ट की धारा 4(2) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया था। बेटे का मेडिकल करवाने के लिए वह सरकारी अस्पताल, पिनगवां पहुंचा था, जहां उसकी मुलाकात एमपीएचडब्ल्यू मोनू शर्मा से हुई। आरोप है कि मोनू शर्मा ने मेडिकल सैंपल में बदलाव करवाने और उसके बेटे को बचाने में मदद करने के नाम पर रिश्वत मांगी। शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में पांच हजार रुपये नकद और 10 हजार रुपये फोन के माध्यम से लिए गए। इसके बाद भी रिश्वत की मांग जारी रही।
शिकायत के आधार पर एसीबी गुरुग्राम की टीम ने 18 अगस्त को कार्रवाई करते हुए मोनू शर्मा को शिकायतकर्ता से 2.50 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच के दौरान मेडिकल अफसर डॉ. बीरपाल की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।
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