इटावा , नवम्बर 13 -- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में डिप्टी जेलर एफ.एच.जाफरी पर कातिलाना हमले को झूठा पाए जाने पर जिला जज ने दोनो आरोपियों को मुक्त करते हुए झूठी शिकायत दर्ज कराने वाले डिप्टी जेलर के खिलाफ अदालत को गुमराह करने का मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया है।

यह बात भी सामने आई है कि डिप्टी जेलर ने रिवाल्वर का लाइसेंस हासिल करने के लिए अपने ऊपर कातिलाना हमले की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी,जिसके बाद उन्होंने शस्त्र लाइसेंस भी हासिल किया था।

डिप्टी जेलर के खिलाफ इटावा के जिला जज रजत जैन ने यह आदेश पक्ष और विपक्ष की बहस सुनने के बाद किया है। माना जा रहा है कि इटावा में पहली दफा किसी शिकायतकर्ता के खिलाफ अदालत ने झूठी शिकायत दर्ज करने के मामले को लेकर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। जिला जज के इस आदेश को बेहद गंभीर माना जा रहा है।

अदालत के आदेश से हमले के आरोपो से मुक्त हुये गोविंद तिवारी ने बताया कि 21अगस्त 2021 को रात करीब पौने तीन बजे डिप्टी जेलर ने अपने ऊपर जेल में गोली कांड की कहानी बना कर सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पहले अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया उसके बाद उसका ओर कामेत गांव के रवि सिंह को विवेचक के माध्यम से आरोपी बना दिया। करीब चार साल चले इस मामले में अदालत में डिप्टी जेलर इस बात को साबित नहीं कर पाए कि उन लोगो ने हमला किया जिसके बाद जिला जज ने निर्दोष साबित कर मुक्त कर दिया।

गोविंद के वकील गिरधर गोपाल चौधरी ने बताया कि इस गंभीर मामले को लेकर उनके स्तर पर जिला जज से इस बात की गुहार लगाई थी कि जब इस अदालत में इस बात की पुष्टि हो गई है कि डिप्टी जेलर ने अपने ऊपर कातिलाना हमले का झूठा मामला दर्ज कराया है तो क्यों ना डिप्टी जेलर के खिलाफ अदालत और पुलिस को गुमराह करने का मुकदमा दर्ज करा कर सजा दी जाए अदालत ने इस गुहार को सुना और डिप्टी जेलर के खिलाफ बीएनएस के तहत धारा 191 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही के निर्देश दिए है।

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