दीमापुर , सितंबर 12 -- नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने केंद्र सरकार से नागालैंड में 'संरक्षित क्षेत्र परमिट' (पीएपी) व्यवस्था को हटाने की अपील की है। यह मांग हाल ही में संपन्न हुए नागालैंड विधानसभा सत्र के दौरान सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के अनुरूप है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 11 सितंबर को लिखे एक पत्र में, श्री रियो ने राज्य में पीएपी व्यवस्था को हटाने के संबंध में नागालैंड के लोगों की सामूहिक भावनाओं और आकांक्षाओं को व्यक्त किया।
राज्य में पीएपी व्यवस्था के जारी रहने पर गंभीर चिंता जताते हुए पत्र में कहा गया है कि नागालैंड विधानसभा ने अपने हालिया सत्र में इस मामले पर विस्तार से चर्चा की और सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव में भारत सरकार से अपील की गई है कि वह नागालैंड में वर्तमान में लागू इस व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करे, इसे हटाए और पहले दी गयी छूट को फिर से बहाल करे।
पत्र में कहा गया है, "यह प्रस्ताव सदन के सभी वर्गों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के एकजुट रुख को दर्शाता है।"श्री रियो ने कहा कि इस मुद्दे ने नागरिक समाज संगठनों, आदिवासी निकायों, पर्यटन से जुड़े लोगों, उद्यमियों, व्यापारिक समुदाय और विशेष रूप से नागालैंड के युवाओं के बीच व्यापक चिंता पैदा की है।
उन्होंने कहा कि आम राय यही है कि पीएपी व्यवस्था के जारी रहने से राज्य की विकास की उम्मीदों और देश-दुनिया के साथ बेहतर आर्थिक जुड़ाव और भागीदारी की कोशिशों पर बुरा असर पड़ रहा है।
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