रांची , जुलाई 21 -- झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स को देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी चिकित्सा संस्थानों की कतार में खड़ा करना हमारी प्राथमिकता है।
मरीजों की सुविधा, चिकित्सा की गुणवत्ता और मेडिकल शिक्षा के स्तर पर अब कोई समझौता नहीं होगा। हर निर्णय जनता के हित में और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
डॉ. अंसारी की अध्यक्षता में मंगलवार को राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में विधायक सुरेश बैठा, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स के निदेशक डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, अपर निदेशक डॉ. बाघमारे कृष्ण प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कुल 19 एजेंडों एवं 5 अतिरिक्त महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए रिम्स को अत्याधुनिक, मरीज-केंद्रित और विश्वस्तरीय संस्थान बनाने की दिशा में कई बड़े निर्णय लिए गए।
मंत्री डॉ. अंसारी ने स्पष्ट कहा कि अब रिम्स केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि उत्कृष्ट चिकित्सा, आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी निर्णयों को धरातल पर उतारने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय:रिम्स के सभी यूजी एवं पीजी छात्रावासों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय।
पूरे रिम्स परिसर के सभी शौचालयों को एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक, स्वच्छ और अत्याधुनिक बनाने का निर्देश। एक माह के भीतर कायाकल्प सुनिश्चित करने को कहा गया। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार (एंट्रेंस) को हाईटेक और आकर्षक स्वरूप देने का निर्णय। ऑर्थोपेडिक वार्ड का पूर्ण पुनर्निर्माण किया जाएगा। पुराने और जर्जर ढांचे को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया वार्ड बनाया जाएगा।_पूरे अस्पताल की फर्श एवं भवनों का तकनीकी निरीक्षण कर जहां आवश्यकता होगी वहां पुनर्निर्माण कराया जाएगा। मरीजों और उनके परिजनों की सहायता के लिए 15 सहायक कर्मियों के साथ आधुनिक हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्णय।
एमबीबीएस सीटें 250 होने के बाद आवश्यक भवन, छात्रावास एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के विस्तार के लिए तकनीकी आकलन कराने का निर्देश।
रिम्स की जरूरत के अनुसार सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरणों एवं मशीनों की शीघ्र खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश।
200 अत्याधुनिक वेंटिलेटर खरीदने का महत्वपूर्ण निर्णय। जिन मशीनों के टेंडर पूरे हो चुके हैं लेकिन खरीद आदेश लंबित हैं, उन्हें तत्काल जारी करने का निर्देश।
रिम्स में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्णय। मेडिकल शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए जाएंगे। मरीजों के समग्र उपचार हेतु रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित करने की मंजूरी। भविष्य में ऐसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों तक करने की योजना।
थैलेसीमिया मरीजों के लिए बेहतर रक्त उपलब्धता तथा ब्लड बैंक को और सशक्त बनाने पर विशेष जोर। बच्चों में आनुवंशिक बीमारियों की शीघ्र पहचान के लिए शुरू की गई जेनेटिक स्क्रीनिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाने का निर्णय। स्टेम सेल संरक्षण के लिए पीपीपी मॉडल पर निजी कंपनी के चयन की संभावना पर विचार।अस्पताल प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यकता अनुसार हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति का निर्देश।ऑन्कोलॉजी विभाग के लिए रेडियोथेरेपी मशीन की खरीद प्रक्रिया को तेज करने तथा अतिरिक्त राशि की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव कैबिनेट में भेजने का निर्णय। सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम के तहत भारत सरकार से अधिकतम वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय।
बैठक के अंत में मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रिम्स में अब केवल योजनाएं नहीं बनेंगी, बल्कि समयबद्ध तरीके से उनका क्रियान्वयन भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी, लापरवाही और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, झारखंड की जनता को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े, यही हमारी प्रतिबद्धता है। रिम्स को आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधनों, स्वच्छ वातावरण और उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं से सुसज्जित कर देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल करना हमारी सरकार का लक्ष्य है।
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