रांची , जुलाई 15 -- झारखंड की राजधानी रांची में स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाकर 250 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
आगामी शैक्षणिक सत्र से रिम्स में 250 विद्यार्थियों का नामांकन होगा। इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह केवल सीटों में वृद्धि नहीं, बल्कि झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत है।
डॉ अंसारी ने कहा कि झारखंड में डॉक्टरों की संख्या लंबे समय से राष्ट्रीय मानकों की तुलना में कम रही है। इसी कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार एवं एनएमसी के समक्ष लगातार प्रभावी पैरवी की। इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं एनएमसी के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हुईं, जिसके सकारात्मक परिणाम आज पूरे राज्य के सामने हैं।
डॉ. अंसारी ने कहा कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में एमबीबीएस सीटें पहले ही 100 से बढ़ाकर 150 की जा चुकी हैं और अब रिम्स, रांची में सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 कर दी गई है। आने वाले समय में राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस एवं पीजी सीटों में वृद्धि की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एक अतिरिक्त एमबीबीएस सीट के लिए केंद्र सरकार से लगभग Rs.1.4 करोड़ तक का निवेश राज्य को प्राप्त होगा, जिससे मेडिकल कॉलेजों में भवन, आधुनिक प्रयोगशालाएं, हॉस्टल, क्लासरूम, फैकल्टी एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे झारखंड में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ अंसारी ने कहा, "मैं मंत्री बाद में हूं, पहले एक चिकित्सक हूं। डॉक्टर होने के नाते मैं स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों और जरूरतों को अच्छी तरह समझता हूं। हमारा लक्ष्य केवल सीटें बढ़ाना नहीं, बल्कि झारखंड को मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।"उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। मेडिकल शिक्षा के विस्तार से झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी तथा भविष्य में प्रदेश को अधिक संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध होंगे।
डॉ. अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में विभागीय टीम ने एनएमसी के सभी मानकों के अनुरूप आवश्यक आधारभूत संरचना, फैकल्टी, प्रयोगशालाओं, छात्रावास एवं अन्य संसाधनों को विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया। इसी का परिणाम है कि आज राज्य को यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि हजारों डॉक्टरों, चिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों द्वारा लगातार शुभकामनाएं मिल रही हैं, जो इस ऐतिहासिक उपलब्धि की महत्ता को दर्शाता है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल मेडिकल सीटों में वृद्धि करना नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार कर झारखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि झारखंड के उज्ज्वल स्वास्थ्य भविष्य की मजबूत नींव है।
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