रांची , अप्रैल 07 -- झारखंड की राजधानी रांची के रिम्स की सरकारी जमीन को अवैध तरीके से निजी बताकर बेचने के मामले में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
एसीबी ने इस मामले में राजकिशोर बड़ाईक, पिता- स्व० रामदेव बड़ाईक उर्फ सामदेव बड़ाईक, पता-दीपाटोली, बाँधगाड़ी, पो०- गाड़ी, थाना-सदर, जिला- राँची, कार्तिक बड़ाईक, पिता- स्व० रामदेव बड़ाईक उर्फ सामदेव बड़ाईक पता-ग्राम- दीपाटोली, बाँधगाड़ी, पो०- गाड़ी, थाना-सदर, जिला- राँची, राजेश कुमार झा, पिता- राम शंकर झा, पता-पॉवर सब स्टेशन, कोकर चौक, आदर्श नगर, थाना-सदर, जिला- राँची , चैतन कुमार, पिता- स्व० सीधू राम गंझू, ग्राम- कुमांग, पो०- पाटपुर, थाना-तोरपा, जिला- खूँटी को गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज प्राथमिकी के बाद की गई हैं। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जा रहा हैं। जारी एसीबी के प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, आरोपी जमीन कारोबार से जुड़े है और इनपर पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन बेचने का आरोप लगा हैं। बताया जा रहा है कि 1964-65 में अधिग्रहित कई एकड़ जमीन को फर्जी तरीके से निजी दिखाकर बेचा गया। इस जमीन पर अवैध रूप से अपार्टमेंट और भवन बना दिए गए थे।
झारखंड हाईकोर्ट ने अधिकारियों, बिल्डरों और भू-माफियाओं की भूमिका की जांच का निर्देश था।
हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में राजस्व विभाग, रांची नगर निगम, निबंधन कार्यालय और आरआरडीए के अधिकारियों की मिलीभगत की जांच के आदेश दिए थे।
ज्ञातव्य हो कि रिम्स की करीब 7 एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया था और कई फ्लैट भी बेच दिए गए थे। जब प्रशासन ने इन अवैध निर्माणों को तोड़ना शुरू किया, तब फ्लैट खरीदारों ने सवाल उठाया कि उनकी क्या गलती हैं। खंडपीठ ने खरीदारों की स्थिति को देखते हुए एसीबी को मामले की गहराई से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
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