सीतापुर , मार्च 23 -- भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लिए कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सोमवार दोपहर कांग्रेस की महिला नेत्रियों ने प्रतिवाद मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कांग्रेसी नेत्री संप्रति राठौर ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक व्यक्ति के अपमान के विरोध में नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संसद और जनप्रतिनिधियों की गरिमा की रक्षा के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भाषा न केवल राजनीतिक स्तर को गिराती है, बल्कि समाज में असम्मान की भावना को भी बढ़ावा देती है।

आंदोलन से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता सुनील रावत ने कहा कि लोकतंत्र में सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए और गाली-गलौज की राजनीति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक संघर्ष की बात कही। कार्यक्रम में रोशनी गुप्ता ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर जिला स्तर पर व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। वहीं अनुप्रिया वर्मा ने कहा कि सांसदों द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है।

कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष सुनीता चौधरी ने कंगना रनौत से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की। वहीं कांग्रेस नेत्री हसीना खातून ने राष्ट्रपति से संसदीय भाषा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। इस प्रतिवाद मार्च में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया और ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया।

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