सुलतानपुर , मई 11 -- उत्तर प्रदेश में सुलतानपुर जिले की एमपी एमएलए न्यायालय में लोकसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के मानहानि मामले की सुनवाई अब 21 मई को होगी।

सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान, भाजपा नेता के वकील ने एक पुराने आदेश के खिलाफ रिवीजन याचिका दायर करने के लिए समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने उन्हें अंतिम अवसर प्रदान किया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने आज यहां बताया कि मामले में बहस होनी थी, लेकिन विपक्षी वकील ने स्थगन की मांग की। उन्होंने अदालत को सूचित किया कि वे पुराने आदेश के खिलाफ रिवीजन करना चाहते हैं। भाजपा नेता के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे साक्ष्यों के मिलान की प्रक्रिया को लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि उनकी पिछली अर्जी खारिज हो गई थी, जिसके खिलाफ वे ऊपरी अदालत में जाना चाहते हैं। पांडेय ने जानकारी दी कि उन्होंने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल और सीडी में मौजूद आवाज के मिलान की मांग की थी। इस अर्जी के खारिज होने के बाद आदेश की प्रति मिलते ही वे रिवीजन याचिका दायर करेंगे। इसी कारण सोमवार को सुनवाई के लिए समय मांगा गया था। इससे पहले 2 मई को सुल्तानपुर कोर्ट ने परिवादी के अधिवक्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना-पत्र को खारिज कर दिया था। अधिवक्ता संतोष पांडेय ने उस आदेश की सत्य प्रतिलिपि न मिलने का हवाला देते हुए रिवीजन दायर करने के लिए कोर्ट से समय मांगा था। दो मई को, राहुल गांधी का मुकदमा पूर्व में सुने गए प्रार्थना पत्र के निस्तारण के लिये नियत था, जिसे कोर्ट ने निरस्त करते हुए मामले में अंतिम बहस के लिए 11 मई की तिथि तय की थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित