सुलतानपुर , जुलाई 1 -- लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में दायर रिवीजन याचिका पर बुधवार को एमपी-एमएलए विशेष अदालत में सुनवाई पूरी हो गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसे 15 जुलाई को सुनाया जाएगा।
शिकायतकर्ता भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कोर्ट संख्या-5 में रिवीजन याचिका पर विस्तृत बहस हुई। उन्होंने उच्चतम न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों के निर्णयों का हवाला देते हुए याचिका स्वीकार किए जाने की मांग की। उनके अनुसार मामले में कानूनी वैधता और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से पक्ष रखा गया, जिसके बाद राहुल गांधी की ओर से भी अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं।
दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद न्यायाधीश राकेश कुमार ने निर्णय सुरक्षित रखते हुए 15 जुलाई को आदेश सुनाने की तिथि निर्धारित की।
यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी द्वारा तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबंध में दिए गए कथित बयान से जुड़ा है। इस बयान से आहत होने का दावा करते हुए सुलतानपुर निवासी भाजपा नेता विजय मिश्रा ने मानहानि का परिवाद दायर किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर मुकदमा चलाने का आदेश दिया था।
श्री राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को अदालत में उपस्थित होकर जमानत ली थी, जबकि 26 जुलाई 2024 को उनका बयान दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने अदालत से राहुल गांधी के कथित बयान की सीडी की आवाज का विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से उनकी वास्तविक आवाज से मिलान कराने का अनुरोध किया था। निचली अदालत द्वारा यह प्रार्थना पत्र खारिज किए जाने के बाद वादी पक्ष ने एडीजे-5 की अदालत में रिवीजन याचिका दाखिल की थी।
उधर, मानहानि के मूल मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए विशेष अदालत में 6 जुलाई को निर्धारित है। हालांकि वादी पक्ष के अधिवक्ता का कहना है कि रिवीजन याचिका की सुनवाई के कारण मूल वाद की पूरी पत्रावली फिलहाल एडीजे अदालत में है। ऐसे में रिवीजन याचिका पर निर्णय आने तक मूल मुकदमे की सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकेगी।
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