सुलतानपुर , मार्च 28 -- उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि के एक पुराने मामले में शनिवार को सुनवाई हुई। इस दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेकर जांच कराने की मांग की, जिस पर अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 6 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है।
न्यायालयीय सूत्रों के अनुसार, सुनवाई के दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 311 सहपठित धारा 91 के तहत एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इसमें राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेकर उसे पहले से दाखिल सीडी के साथ विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) में मिलान कराने का अनुरोध किया गया।
राहुल गांधी के अधिवक्ताओं ने इस मांग पर आपत्ति दर्ज कराई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को तय की है। अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि अगली तारीख पर वे बचाव पक्ष की आपत्तियों पर विस्तृत बहस करेंगे।
उल्लेखनीय है कि यह परिवाद भाजपा नेता विजय मिश्रा द्वारा अक्टूबर 2018 में दर्ज कराया गया था। इस मामले में राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत मिल गई थी। इसके बाद 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने एमपी-एमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया और स्वयं को निर्दोष बताते हुए मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया था। अदालत ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत गवाहों की पेशी जारी है।
इससे पूर्व राहुल गांधी ने सीआरपीसी की धारा 313 के तहत भी अपना बयान दर्ज कराया था। अदालत ने उन्हें अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय दिया था, हालांकि उनके अधिवक्ता द्वारा अब तक कोई अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।
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