पुणे , अक्टूबर 01 -- स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर चल रहे आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई गुरुवार को टाल दी गई।

इस मामले की सुनवाई पुणे की विशेष सांसद-विधायक अदालत में हो रही है, जिसके पीठासीन अधिकारी जज अमोल शिंदे हैं। श्री राहुल गांधी की ओर से पेश अधिवक्ता मिलिंद पवार शिकायतकर्ता सत्याकी सावरकर से जिरह कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का पक्ष अधिवक्ता संग्राम कोलाटकर रख रहे हैं। पिछली सुनवाई के दौरान जिरह में महात्मा गांधी की हत्या हत्यारे नाथूराम गोडसे और उसके भाई गोपाल गोडसे, तथा गोपाल गोडसे और उनकी पत्नी सिंधु गोडसे द्वारा की गई बातचीत से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

बचाव पक्ष के वकील के अनुसार श्री सत्याकी सावरकर ने जिरह के दौरान गोपाल गोडसे की तीन वीडियो बातचीत की बात स्वीकार की और पुष्टि की कि उनमें उनके दादाजी शामिल थे। बचाव पक्ष ने उन बातचीत में महात्मा गांधी की हत्या के संबंध में दिए गए बयानों का भी ज़िक्र किया। नाथूराम गोडसे और गोपाल गोडसे के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ जुड़ाव और साथ ही गोपाल गोडसे के बाद की बातचीत के बारे में भी सवाल उठाए गए।

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