सुलतानपुर , जून 05 -- कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि के मामले में शुक्रवार को सुलतानपुर की एमपी-एमएएल स्पेशल एडीजे कोर्ट में सुनवाई हुई। रिवीजन याचिका (पुनरीक्षण अर्जी) पर कोर्ट ने अगली सुनवाई और बहस के लिए 25 जून की तारीख तय की है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि उनके द्वारा दाखिल की गई रिवीजन याचिका (पुनरीक्षण अर्जी) पर कोर्ट ने अगली सुनवाई और बहस के लिए 25 जून की तारीख तय की है। पिछली तारीख पर न्यायालय ने निचली अदालत से इस मामले की पत्रावली तलब की थी, जो आज अदालत में आ चुकी है। संतोष पांडेय ने बताया कि मूल मुकदमे की सुनवाई के लिए 17 जून की तारीख तय है। चूंकि पत्रावली अब एडीजे कोर्ट में आ चुकी है, इसलिए मूल मुकदमे में अभी सिर्फ तारीखें ही पड़ेंगी और मुख्य ध्यान इस रिवीजन याचिका पर रहेगा। विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएएल कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस के लिए अब 25 जून का दिन मुकर्रर किया है।

अधिवक्ता संतोष पांडेय के अनुसार यह पूरा मामला राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे एक मानहानि के मुकदमे से जुड़ा है। "हमने निचली अदालत (लोअर कोर्ट) में एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें मांग की गई थी कि राहुल गांधी का वॉइस सैंपल (आवाज का नमूना) लिया जाए और हमारे द्वारा पेश की गई सीडी (CD) से विधि विज्ञान प्रयोगशाला (Forensic Lab) में उसकी जांच और मिलान कराया जाए।"निचली अदालत ने इस प्रार्थना पत्र को 2 मई को खारिज कर दिया था। इसी आदेश के खिलाफ संतोष पांडेय ने स्पेशल कोर्ट में रिवीजन फाइल किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार (Admit) कर लिया है। अब इसी रिवीजन याचिका पर 25 जून को अंतिम बहस होगी।

यह मानहानि का मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में दर्ज कराया था। इस मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपए के दो मुचलकों पर जमानत दी थी।

राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को एमपी/एमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया था। राहुल गांधी के बयान के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद से लगातार गवाह पेश किए जा रहे थे। इससे पहले, 20 फरवरी को भी राहुल गांधी ने एमपी/एमएलए कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। कोर्ट ने उन्हें अपनी बेगुनाही के संबंध में सफाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा था। हालांकि, राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने कोर्ट में कोई सफाई या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

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