पटना , जुलाई 07 -- बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने कांग्रेस सांसद तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आगामी 15 जुलाई के पटना दौरे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि श्री गांधी का यह प्रस्तावित छात्र सम्मेलन उनके कल्याण के लिए नहीं, बल्कि देश और बिहार के युवाओं को गुमराह करने के लिए है।

श्री पांडेय ने कहा कि देश की जनता भली-भांति जानती है कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी ने हमेशा एक 'नकारात्मक विपक्ष' की भूमिका में नजर आती है। उन्होंने कहा कि बिहार की जागरूक जनता और यहां के युवा उनके इस बहकावे में आने वाले नहीं हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार युवाओं के रोजगार, शिक्षा और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मोदी सरकार की इस पारदर्शी पहल के तहत अब तक देश के लाखों युवाओं को सीधे सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बजट में घोषित विकसित भारत रोजगार योजना के जरिए अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इस समय देश की टॉप कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को पेड इंटर्नशिप दी जा रही है, जिसमें 9,000 प्रति माह स्टाइपेंड का प्रावधान है।

श्री पांडेय ने कांग्रेस के छात्र सम्मेलन पर तंज कसते हुए कहा कि जिस पार्टी का बिहार में संगठन पूरी तरह शून्य हो चुका है और जिसके पास जनता के लिए कोई नीति या एजेंडा नहीं है, वह आज युवाओं की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में विजन (दूरदर्शिता) की भारी कमी है और बिना किसी ठोस धरातल और बिना किसी सकारात्मक रोडमैप के, केवल खोखली बयानबाजी के दम पर कार्यकर्ताओं में जोश भरने की श्री गांधी की कोशिश हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा युवाओं को केवल एक ''वोट बैंक'' के रूप में इस्तेमाल किया है।

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