पुणे , अगस्त 22 -- महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में युवाओं को आने से रोकने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं और 'भाड़े के लोगों' ने पुणे में 'दंगे जैसी स्थिति' पैदा करने की कोशिश की।

श्री सपकाल ने शुक्रवार रात सीओईपी महाविद्यालय के बाहर हुए हंगामे पर दावा किया कि इस उपद्रव में शामिल लोग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि भाजपा कार्यकर्ता और भाड़े के लोग थे, जिन्होंने नशा कर रखा था।

श्री सपकाल ने कहा, "हंगामा करने वाले लोग एबीवीपी के कार्यकर्ता नहीं थे। वे भाजपा के कार्यकर्ता और भाड़े पर लाये गये लोग थे।" उन्होंने दावा किया कि इस उपद्रव का मकसद खौफ और अशांति का माहौल बनाना था, ताकि प्रशासन कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाने पर मजबूर हो जाए और युवा कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल न हो सकें।

श्री सपकाल ने पुलिस की कार्रवाई के समय पर भी सवाल उठाये। उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे हुई, जबकि इस घटना से जुड़ा मामला शनिवार सुबह दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया, "रात करीब 10 बजे हुई घटना की प्राथमिकी सुबह दर्ज होना यह साफ दर्शाता है कि मामले को काफी सोच-विचार के बाद दर्ज किया गया है।"कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कुछ ऐसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किये गये हैं, जो मौके पर मौजूद तक नहीं थे। उन्होंने पुलिस पर निष्पक्ष जांच करने के बजाय राजनीति से प्रेरित होकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया।

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