शिमला , जुलाई 22 -- हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को शिमला स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्यालय 'दीप कमल' के बाहर प्रदर्शन किया।

पार्टी ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार के "तानाशाही रवैये" की कड़ी निंदा की और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के लिए न्याय की मांग की।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन बालूगंज से शुरू होकर भाजपा मुख्यालय के बाहर समाप्त हुआ। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर नयी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य पार्टी सांसदों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में यह प्रदर्शन कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा था।

सभा को संबोधित करते हुए श्री कुमार ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का आरोप लगाया और कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश के युवाओं और छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक सहित भर्ती परीक्षाओं में बार-बार हो रही अनियमितताओं ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।

उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को लेकर उपजे विवादों के बाद उनके पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। डन्होंने कहा, "जब तक देश के युवाओं और छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।" उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कोशिशों को पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्री गांधी के समर्थन में नारेबाजी की और परीक्षा से जुड़े मुद्दों से निपटने के तरीके को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक ने शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचायी है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की उम्मीदों को तोड़ा है।

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