नयी दिल्ली , अगस्त 11 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संसद के मानसून सत्र में गतिरोध के लिए एक बार फिर विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनका अहंकार और मनमानी कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में आड़े आ रही है। पार्टी ने कहा है कि श्री गांधी को अपनी अगली विदेश यात्रा पर जाने से पहले अपने उठाये मुद्दों पर गृहमंत्री के संसद में जवाब को सुन लेना चाहिए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, '' संविधान के निर्माताओं ने कभी कल्पना नहीं की होगी कि देश की सर्वोच्च पंचायत किसी बिगड़े हुए शहजादे की मनमानी और अहंकार के कारण बंधक बन जाएगी।" उन्होंने कहा कि देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है लेकिन संसद के मौजूदा सत्र के दौरान सदन में जो कुछ हो रहा है, वह निश्चित रूप से लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। पिछले कुछ हफ़्तों में विपक्ष विशेषकर कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में चर्चाएं नहीं होने दी।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि श्री गांधी लगातार एक के बाद एक अपनी मांगें बदलते रहे और उन्होंने अपने व्यवहार से यह साबित कर दिया है कि वह सदन में सार्थक चर्चा नहीं चाहते। पहले उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) परीक्षा के नियमों में बदलाव होना चाहिए, जिसे मान लिया गया। फिर विद्यार्थियों की मांग थी कि कड़े कानून बनाए जाएं, इसे भी मान लिया गया। मंत्रिमंडल में प्रस्ताव पारित हुआ और एक नया विधेयक भी तैयार किया गया।

श्री त्रिवेदी ने कहा कि उन्होंने (श्री गांधी) कहा कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए, इसे मान लिया गया। फिर मामला विद्यार्थियों के खिलाफ दर्ज मामले को वापस लेने की आयी, तो उसे भी मान लिया गया। फिर उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को सदन में आकर बयान देना चाहिए, इसे मान लिया गया।

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