गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 26 -- उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्धनगर में रासायनिक आपदाओं से सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने सभी औद्योगिक इकाइयों के संचालकों और प्रबंधकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि रासायनिक आपात स्थितियों से निपटने के लिए व्यापक जन-जागरूकता बेहद आवश्यक है।
रविवार को दिशा निर्देश की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का औद्योगिक क्षेत्रों में प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों और आसपास के निवासियों को समय रहते सही जानकारी मिल सके।
प्रशासन का मानना है कि इन गाइडलाइंस का पालन करने से औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
गाइडलाइंस के अनुसार, रासायनिक आपात स्थिति से पहले लोगों को कई महत्वपूर्ण सावधानियां अपनानी चाहिए। रसायनों का मिश्रण करने से बचना चाहिए, क्योंकि अमोनिया और ब्लीच जैसे संयोजन जहरीली गैसें उत्पन्न कर सकते हैं। सभी रासायनिक उत्पादों को सुरक्षित तरीके से उनके मूल कंटेनर में ही कसकर बंद करके रखना चाहिए।
अनुपयोगी रसायनों का सही तरीके से निपटान करना भी जरूरी है, क्योंकि गलत निपटान से जल स्रोत दूषित हो सकते हैं। खतरनाक क्षेत्रों में धूम्रपान या आग जलाने से बचें। यदि संभव हो तो ऐसे उद्योगों के पास रहने से परहेज करें जहां खतरनाक रसायनों का उपयोग होता है।
इसके अलावा, आपातकालीन संपर्क नंबर हमेशा तैयार रखें, सुरक्षित आश्रय स्थलों और वहां तक पहुंचने के मार्ग की पहचान करें तथा परिवार के लिए एक आपदा प्रबंधन योजना बनाएं। एक आपदा किट तैयार रखना भी अनिवार्य बताया गया है।
रासायनिक आपदा के दौरान घबराने के बजाय तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर निकलना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय चेहरे को गीले कपड़े से ढकना उपयोगी होता है। यदि बाहर निकलना संभव न हो तो घर के सभी दरवाजे और खिड़कियां कसकर बंद कर लें।
सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद तुरंत पुलिस, अस्पताल जैसी आपात सेवाओं को सूचना दें। प्रशासन ने खास तौर पर अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी है।
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