अलवर , अगस्त 16 -- अखिल भारतीय आतंकवादी विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष मनिंदर जीत सिंह बिट्टा ने कहा है कि राष्ट्र प्रथम है तो सब कुछ है, वरना कुछ नहीं है।
श्री बिट्टा शनिवार शाम एक दिवसीय दौरे पर अलवर में आयोजित स्वतंत्रता गौरव उत्सव समिति के कार्यक्रम में शामिल होने यहां पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एक समय जम्मू-कश्मीर में सैनिकों की शहादतें होती थीं, तिरंगे को पैरों तले कुचला जाता था, सेना पर पत्थर फेंके जाते थे और राजस्थान में रोजाना 15-20 जवानों के शव तिरंगे में लिपटकर आते थे।
उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली में दिवाली पर बम धमाके और 26-11 जैसी घटनाएं आम थी, लेकिन अब जम्मू-कश्मीर में जिधर देखो उधर तिरंगा दिखाई देता है और ऐसा महसूस होता है कि आजादी अब मिली है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का अधूरा सपना अब पूरा हो रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलवाद खत्म करने के बयान का जिक्र करते हुए श्री बिट्टा ने कहा कि उन्होंने जो कहा वह करके दिखाया। पहले नक्सली जवानों को बसों में उड़ा देते थे, जबकि अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे सड़कों के नेटवर्क से सीमा पर तैनात सैनिकों तक युद्ध के समय वाहन, हथियार और रसद पहुंचाने की क्षमता बढ़ी है।
उन्होंने विपक्ष का नाम लिए बिना धारा 370 और राम मंदिर के मुद्दे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब धारा 370 हटाने और राम मंदिर बनाने की बात होती थी तो कहा जाता था कि दंगे होंगे, लेकिन राम मंदिर बनने के बाद कोई दंगा नहीं हुआ। भारत आतंकवाद मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ा है, लेकिन जिन मुद्दों पर बोलना चाहिए, उन पर कई नेता चुप रहते हैं।
श्री बिट्टा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को लेकर विपक्ष पर आरोप लगाया कि उनमें सीधे लड़ने की ताकत नहीं है और वे दूसरों और बच्चों के कंधों पर अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। कोई समस्या है तो प्रधानमंत्री या गृहमंत्री से बात की जानी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती नहीं होती तो दिल्ली में बम धमाके हो सकते थे। पंजाब के एक पुलिस अधिकारी द्वारा तीन-चार आतंकियों को पकड़े जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे आंदोलन के दौरान दिल्ली में धमाके की योजना बना रहे थे। श्री बिट्टा ने आंदोलनों में विदेशी ताकतों और विदेशी मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाया।
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से जुड़े वंदे मातरम् कार्यक्रम के सवाल पर श्री बिट्टा ने कहा कि जो राष्ट्र को प्रथम मानते हैं, जनता उन्हें दोबारा मौका देती है और जो तिरंगा एवं वंदे मातरम् को किनारे करते हैं, जनता उन्हें भी किनारे कर देती है।
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