बतौली/अंबिकापुर, जनवरी 27 -- छत्तीसगढ में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने सुरक्षा उपाय नहीं किए जाने पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। ग्राम पंचायत सेदम के समस्त ग्रामवासियों द्वारा प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि एनएच-43 पर ग्राम के समीप स्थित स्कूल, बाजार, उप स्वास्थ्य केंद्र व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के नजदीक स्पीड ब्रेकर लगाना अति आवश्यक है। उन्होंने धमकी दी है कि यदि 10 फरवरी तक स्पीड ब्रेकर नहीं लगाए गए तो वे चक्का जाम करेंगे।

इस मांग की तात्कालिकता को एक ताज़ा दुर्घटना ने और बढ़ा दिया है। खबर है कि एनएच-43 पर बतौली सेक्सन में तेज रफ्तार एक ट्रेलर ने स्कूल जाने के लिए खड़ी कक्षा नवमी की दो छात्राओं को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है जबकि दूसरी का हाथ टूट गया है। दोनों को संजीवनी अस्पताल, अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने भाग रहे ट्रेलर चालक को पकड़कर बतौली पुलिस के हवाले किया है।

इस घटना के बाद एनएच-43 पर तनाव की स्थिति बन गई थी। ग्रामीण सड़क सुरक्षा उपायों की मांग को लेकर जुट गए। चक्का जाम की आशंका के मद्देनजर एसडीएम, एसडीओपी सहित प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर पहुंचा। प्रशासन ने तत्काल स्कूल के सामने स्पीड ब्रेकर और बैरिकेट लगाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति काबू में आई।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर अधिक गति से वाहन चलाने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे जन-जीवन खतरे में है। उन्होंने जिला कलेक्टर महोदय से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि स्कूल, बाजार व अस्पताल के निकट स्पीड ब्रेकर लगाना जनहित में जरूरी है। प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद ग्रामीण सतर्क हैं और अपनी मांगों के पूरा होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

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