नयी दिल्ली , फरवरी 16 -- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में 310.35 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों के परिसंपत्ति मुद्रीकरण के लिए 'राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना ट्रस्ट' (एनएचआईटी) के 6,220.90 करोड़ रुपये के दो प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया है।

प्राधिकरण के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने बताया कि इन मुद्रीकृत परिसंपत्तियों में महाराष्ट्र में एनएच-53 का 255.97 किलोमीटर लंबा अमरावती-चिखली-तार्सोद खंड और आंध्र प्रदेश में एनएच-16 का 54.38 किलोमीटर लंबा गुंडुगोलानु-चिन्ना-अवुतापल्ली खंड शामिल हैं। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के समक्ष विकास के लिए पूंजी जुटाने में आईएनवीआईटी (अवसंरचना निवेश ट्रस्ट) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस ठेके के साथ एनएचआईटी के माध्यम से मुद्रीकृत कुल परिसंपत्तियां 49,858 करोड़ रुपये होंगी।

उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा प्रायोजित एक निवेश (आईएनवीआईटी) राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना ट्रस्ट ने अब तक सीपीपीआईबी, ओटीपीपी, ईपीएफओ, एनएचएआई और एसबीआई समूह जैसे प्रमुख निवेशकों से चार दौर में पूंजी जुटाई है। उनका कहना था कि 700 से अधिक निवेशकों के साथ एनएचआईटी की इकाइयों का वर्तमान बाजार पूंजीकरण लगभग 28,000 करोड़ रुपये है। एनएचआईटी की इकाइयां राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज दोनों पर सूचीबद्ध हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा मौजूदा परिसंपत्तियों के मूल्य को बढ़ाने और निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने के प्रयासों में परिसंपत्ति मुद्रीकरण एक रणनीतिक उपकरण के रूप में उभरा है। टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) और अवसंरचना निवेश ट्रस्ट (इनवीआईटी) जैसे मॉडलों का लाभ उठाकर, एनएचएआई ने सफलतापूर्वक धन जुटाया है। इस राशि को नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में पुनर्निवेश किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष के दौरान मुद्रीकृत राष्ट्रीय राजमार्ग परिसंपत्तियों की कुल राशि लगभग 28,077 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों की गुणवत्ता और दीर्घावधि में वृद्धि के लिए यह दृष्टिकोण न केवल वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करता है बल्कि निजी क्षेत्र की कार्यकुशलता और उन्नत प्रौद्योगिकियों को भी शामिल करता है।

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