नयी दिल्ली , मई 24 -- राष्ट्रीय राजधानी के लाल किले पर रविवार को हज़ारों की तादाद में जनजातीय समुदायों ने एकत्रित होकर 'संस्कृति एवं समाज' की रक्षा का प्रण लिया।

आधिकारिक बयान के अनुसार, कार्यक्रम में 1.5 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। यह दिल्ली में जनजातीय समुदाय का अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत अपराह्न तीन बजे राजधानी के पांच विभिन्न स्थानों से विशाल शोभा यात्राएं प्रारंभ हुईं।

राजघाट चौक, रामलीला मैदान, अजमेरी गेट चौक, कुदसिया बाग (कश्मीरी गेट) और श्यामगिरि मंदिर (शास्त्री पार्क) से निकली इंद्रधनुषी यात्राएं पारंपरिक जनजातीय संस्कृति एवं गौरव का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हुए लाल किला मैदान तक पहुंचीं। यहां लेह-लद्दाख से लेकर कन्याकुमारी तक देशभर की 550 जनजातियों ने अपनी वेशभूषा, लोकगीत और लोकनृत्य से अपनी संस्कृति की झलक पेश की।

सायं 6:00 बजे लाल किला मैदान पर आयोजित भव्य जनसभा में सभी आगंतुक एकत्रित हुए। यहां कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जनजातीय समाज की आस्थाएं, प्रकृति पूजा और जीवन पद्धति सनातन परंपरा से जुड़ी हुई हैं।

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