जयपुर , अप्रैल 15 -- राजस्थान में आठवें राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा के तहत अब तक 20 लाख से अधिक गतिविधियां संचालित की जा चुकी हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह पखवाड़ा एक व्यापक जन-आन्दोलन का रूप लेते हुए स्वस्थ राजस्थान की मजबूत नींव तैयार कर रहा है। गत नौ अप्रैल से शुरू हुए इस पखवाड़े में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चितकरते हुए पहले छह वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क के सर्वोत्तम विकास को प्रोत्साहित करने के लिए गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बच्चों में स्क्रीन टाइम में कमी लाने, प्रारंभिक वर्षों में खेल आधारित शिक्षा और मातृएवं शिशु पोषण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

पखवाड़े के माध्यम से परिवारों और समुदायों के बीच उन पोषण की प्रथाओं के बारे में जागरूकता बढ़ायी जा रही है, जो स्वस्थ जीवन एवं मस्तिष्क के विकास में मददगार हो। यह जमीनी स्तर पर ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के रूप में उभरा है, जिससे आंगनवाड़ी नेटवर्क और सामुदायिक संस्थाओं की सहायता से पोषण सेवाएं अंतिम छोर तक सशक्त हों। इस पखवाड़े में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए पोषण आधारित स्वस्थ बाल्यकाल की रूपरेखा बनायी जा रही है।

मस्तिष्क का 85 प्रतिशत से अधिक विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है, जिसमें सबसे तीव्र विकास पहले एक हजार दिनों के दौरान होता है। इसी के मद्देनजर इस पखवाड़े के तहत 'मस्तिष्क के विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन' गतिविधि संचालित की जा रही है। राजस्थान में अब तक चार लाख 89 हजार से अधिक गतिविधियां हो चुकी हैं।

पखवाड़े के तहत मातृ एवं शिशु पोषण श्रेणी में 6 लाख 82 हजार से अधिक, प्रारंभिक वर्षों में खेल-आधारित शिक्षा श्रेणी में 3 लाख 83 हजार से अधिक और स्क्रीन टाइम को कम करने में माता-पिता और समुदाय की भूमिका से संबंधित श्रेणी में 2 लाख 42 हजार से अधिक गतिविधियां से अधिक संचालित की गई हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त करने के लिए एक लाख 76 हजार से अधिक गतिविधियां आयोजित कर सामुदायिक समर्थन प्राप्त किया गया है। 27 हजार 671 से अधिक गतिविधियां अन्य श्रेणी में आयोजित की गयी हैं।

उल्लेखनीय है कि पोषण अभियान का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आठ मार्च, 2018 को राजस्थान के झुंझुनूं से किया गया था।

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