पटना, 16 मई (वार्ता) राष्ट्रीय जनता दल ( राजद) प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने शनिवार को सरकार से सवाल किया है कि जब नीट की परीक्षा लेने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) हीं शक के दायरे में आ चुकी है तो 21 जून को दोबारा ली जाने वाली परीक्षा कदाचार मुक्त होगी, इस बात की क्या गारंटी है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि पेपर लीक मामले के सरगना प्रोफेसर पी वी कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद एनटीए पर सवाल उठना लाजिमी है। चूंकि श्री कुलकर्णी एनटीए के प्रश्नपत्र बनाने वाली कमेटी के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में प्रश्नपत्र बनाने वाली कमेटी के कुछ सदस्यों के साथ एनटीए के किसी वरिष्ठ अधिकारी के शामिल होने की भी आशंका जताई है।

श्री गगन ने कहा कि एनटीए पर सवाल खड़ा करने के कई आधार हैं। उन्होंने कहा कि 2024 में हुए नीट यूजी परीक्षा के बाद देशव्यापी हुए हंगामे को देखते हुए एनटीए में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने राधाकृष्ण कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने गड़बड़ियां रोकने के लिए कम्पूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) परीक्षा कराने का सुझाव दिया था जिसे अनदेखा कर पेन-पेपर मोड में हीं परीक्षा ली गई। उन्होंने कहा कि जब धांधली पकड़ी गई तो घोषणा की गई है कि अगले वर्ष नीट यूजी की परीक्षा सीबीटी मोड में ली जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित