नयी दिल्ली , जून 15 -- जनसेना पार्टी के अध्यक्ष एवं आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सोमवार को यहां आयोजित 'जनसेना का राष्ट्रीय एकीकरण अभियान' सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा जनसेना पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री कल्याण ने स्पष्ट किया कि पार्टी का मूल मंत्र "देश पहले, बाकी सब बाद में" है और जनसेना देश को बांटने वाली, क्षेत्रीय घृणा फैलाने वाली तथा अलगाववादी विचारधाराओं को बढ़ावा देने वाली ताकतों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि 2014 में जनसेना की स्थापना सत्ता और पदों के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा के उद्देश्य से की गई थी। पिछले 12 वर्षों की यात्रा में अनेक चुनौतियों और असफलताओं का सामना करने के बावजूद पार्टी आज 20 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं के मजबूत संगठन के रूप में खड़ी है।
उन्होंने कहा कि जनसेना की विचारधारा अब आंध्र प्रदेश से बाहर भी तेजी से फैल रही है और कर्नाटक, केरल तथा तमिलनाडु जैसे राज्यों के लोग पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर उससे जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों और समाज के वर्गों को विचारधारा के माध्यम से जोड़ना ही जनसेना की राजनीति का मूल उद्देश्य है।
दिल्ली को राष्ट्रभक्ति, बलिदान और संघर्ष की भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत की राजधानी देश के हर नागरिक के सपनों और आकांक्षाओं का केंद्र है। उन्होंने पार्टी सांसदों से संसद में राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर मुखर होकर जनसेना का पक्ष रखने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं में देशभक्ति, संवैधानिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि जनसेना आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ राजनीति और सुशासन का उदाहरण प्रस्तुत करेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित