नयी दिल्ली , अप्रैल 07 -- पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (पीडीयूएनएएसएस) के निदेशक कुमार रोहित ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए जीवन और व्यापार सुगमता के राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने का आह्वान किया है।
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने आज बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के प्रत्यक्ष भर्ती प्रवर्तन अधिकारी/लेखा अधिकारी (ईओ/एओ), बैच 2025 के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम के दूसरे बैच की कल गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (जीएनएलयू) में शुरुआत हुई। इस दौरान श्री कुमार रोहित ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए अधिकारियों को प्रभावी ढंग से और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सक्षम बनाने के लिए मजबूत कानूनी और संस्थागत समझ विकसित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से जीवन और व्यापार सुगमता के राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जीएनएलयू के अकादमिक मामलों के प्रमुख और विधि विभाग के प्रोफेसर (डॉ.) गिरीश आर ने भारत के संवैधानिक ढांचे में विधि के शासन के महत्व पर प्रकाश डाला और सार्वजनिक अधिकारियों के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय संवैधानिक मूल्यों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जीएनएलयू में दिया जाने वाला प्रशिक्षण प्रतिभागियों को लोक प्रशासन और नियामक कार्यों में उनकी भावी भूमिकाओं के लिए प्रासंगिक महत्वपूर्ण कानूनी आयामों से अवगत कराएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित