नई दिल्ली , अगस्त 02 -- लवलीना बोरगोहेन भले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल न जीत पाई हों, लेकिन ओलंपिक ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट खिलाड़ी अब आगे की ओर देख रही हैं।
जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में अब सिर्फ़ छह हफ़्ते बचे हैं। शनिवार को ग्लासगो में महिलाओं के 75 किग्रा कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतने के बाद असम की बॉक्सर ने कहा कि वह और मज़बूत होकर वापसी करने के लिए तैयार हैं।
इस सिल्वर मेडल के साथ लवलीना ने हर बड़े इंटरनेशनल इवेंट में मेडल जीतने का अपना कलेक्शन पूरा कर लिया है। वह मैरी कॉम और विजेंदर सिंह के बाद ऐसा करने वाली तीसरी भारतीय बॉक्सर बन गई हैं।
रविवार को बॉक्सिंग फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित एक वर्चुअल बातचीत के दौरान, 28 साल की बॉक्सर ने हालांकि माना कि फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एमा-सू ग्रीनट्री से 1-4 के 'स्प्लिट-डिसीजन' में हारने से पहले उनका लक्ष्य गोल्ड जीतना ही था।
मुकाबले के दौरान लवलीना के बाएं घुटने पर भारी पट्टी बंधी हुई दिखी, जिससे उनकी फ़िटनेस को लेकर चिंताएं पैदा हुईं। हालांकि, बॉक्सर ने किसी भी गंभीर चोट की आशंका को खारिज करते हुए कहा कि छोटी-मोटी तकलीफ़ें हर एथलीट के सफ़र का हिस्सा होती हैं।
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