भुवनेश्वर , जून 19 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 20 जून को ओडिशा के रायरांगपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में 732 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत वाली दो अहम मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को देश को समर्पित करेंगी।

यह ओडिशा में रेलवे अवसंरचना को मज़बूत करने एवं संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पूर्व तटीय रेलवे के अंतर्गत विकसित इन परियोजनाओं का उद्देश्य लाइन की क्षमता बढ़ाना, भीड़-भाड़ कम करना और इस क्षेत्र में यात्री गाड़यों एवं मालगाड़ियों की आवाजाही को आसान बनाना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, 323 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ जाखपुरा-जाजपुर क्योंझर रोड-बैतरणी रोड मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना 19 किलोमीटर लंबा है और यह भद्रक-नेरगुंडी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना से हावड़ा-चेन्नई मेन लाइन पर, जहां बहुत ज़्यादा भीड़ रहती है, उसकी क्षमता बेहतर होने की उम्मीद है। इससे माल एवं यात्रियों को ले जाने की क्षमता बढ़ेगी, देरी में कमी होगी और उनकी आवाजाही तेज़ होगी। इसके अलावा कोयले एवं अन्य भारी सामानों की निर्बाध ढुलायी आसान होगी और साथ ही बंदरगाहों, उद्योगों एवं व्यावसायिक केंद्रों के लिए रसद सहायता मजबूत होगी, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।

दूसरी परियोजना, हिंडोल रोड-मेरामांडली मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना 27 किलोमीटर लंबी और 409 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई है। यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बुधापंक-सालेगांव मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना से ट्रेनों के संचालन की क्षमता में सुधार होने, कामकाज में आने वाली रुकावटें दूर होने और कोयला, इस्पात, विद्युत क्षेत्र के लिए ज़रूरी सामान और अन्य औद्योगिक उत्पादों के कुशल परिवहन सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं से बढ़ी हुई अतिरिक्त रेल क्षमता के साथ, भारतीय रेलवे ज़्यादा पैसेंजर एवं मालगाड़ियां चला पायेंगी तथा, क्षेत्रीय संपर्क बेहतर करने के साथ ही पूरे ओडिशा में औद्योगिक रसद को मज़बूत कर सकेंगी।

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