मास्को , सितंबर 05 -- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुश्नर की यूक्रेन यात्रा से ठीक पहले राजधानी कीव पर तीन दिनों के लिए सभी प्रकार के हवाई हमलों को रोकने का आदेश दिया है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रूसी राज्य समाचार एजेंसी 'तास' को बताया कि रूस के सर्वोच्च कमांडर-इन-चीफ राष्ट्रपति पुतिन ने शनिवार आधी रात से शुरू होकर तीन दिनों तक यूक्रेन पर कोई भी सैन्य हमला न करने का स्पष्ट निर्देश जारी किया है। श्री पेस्कोव ने बताया कि यह फैसला कीव में होने वाली अमेरिकी वार्ता के मद्देनजर लिया गया है।

स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर शनिवार को मास्को पहुंचे, जहां श्री पुतिन के विशेष प्रतिनिधि किरील दमित्रीव ने वनुकोवो हवाई अड्डे पर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगवानी की। उम्मीद की जा रही है कि राष्ट्रपति पुतिन शनिवार को बाद में श्री विटकॉफ और श्री कुश्नर से मुलाकात करेंगे।

मास्को यात्रा के बाद अमेरिकी दूतों का रविवार को कीव जाने का कार्यक्रम है। अमेरिका की मध्यस्थता में शांति वार्ता शुरू होने के बाद से अमेरिकी प्रतिनिधियों की यूक्रेन की राजधानी की यह पहली यात्रा होगी। इससे पहले अमेरिकी दूतों ने 22 जनवरी सहित मास्को के कई दौरे किये थे, लेकिन उन्होंने अब तक कीव की यात्रा नहीं की थी।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने भी पुष्टि की है कि विटकॉफ और कुश्नर मास्को के बाद रविवार को यूक्रेन की यात्रा करेंगे। श्री ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी दूतों की कीव यात्रा से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन के दो हवाई अड्डों पर हमले किये हैं।

इस बीच, राष्ट्रपति पुतिन ने युद्ध के संभावित अंत का संकेत दिया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि इसका अंतिम निर्णय रूस और यूक्रेन को ही करना होगा। व्लादिवोस्तोक में ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए श्री पुतिन ने कहा कि यूक्रेन के साथ शांति की एक 'संभावना' बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने एयरलाइंस को रूसी हवाई क्षेत्र से बचने की चेतावनी देने पर कीव पर 'राज्य प्रायोजित आतंकवाद' का आरोप भी लगाया।

श्री पुतिन ने कहा कि अंततः इस समस्या का समाधान संघर्ष में शामिल देशों रूस और यूक्रेन को ही मिलकर निकालना होगा। यह कूटनीतिक हलचल ऐसे समय में शुरू हुई है जब युद्ध समाप्त करने के अमेरिकी और यूरोपीय प्रयास ठप पड़े हुए हैं, क्योंकि रूस और यूक्रेन क्षेत्रीय संप्रभुता, सुरक्षा गारंटी और यूक्रेन के भावी सैन्य रुख पर एक-दूसरे से काफी अलग राय रखते हैं।

यूक्रेन के विदेश मंत्री अंदरी सिबिहा ने उम्मीद जतायी कि दुनिया भर की कई राजधानियों में राजनीतिक और कूटनीतिक जुड़ाव के इस सक्रिय चरण की वापसी के साथ शांति प्रयासों में एक 'नयी गतिशीलता' देखने को मिलेगी। दूसरी ओर, रूस ने स्पष्ट किया है कि दो साल पहले दिये गये एक भाषण में तय किया गया श्री पुतिन का रुख 'अटल' है।

रूस की मांग है कि यूक्रेन उन चार क्षेत्रों के पूरे क्षेत्र को छोड़ दे जिन पर रूस दावा करता है और नाटो में शामिल होने की अपनी महत्वाकांक्षा का त्याग करे।

वार्ता को फिर से शुरू करने के यह प्रयास युद्ध के लगातार गंभीर होने के बीच हो रहे हैं। इस साल फरवरी में हुई आखिरी शांति वार्ता के बाद से रूस और यूक्रेन दोनों ने एक-दूसरे के इलाके में गहराई तक ड्रोन और मिसाइल हमलों को तेज कर दिया है, जबकि समुद्र के इलाके में भी संघर्ष बढ़ा है।रूसी सेनाएं यूक्रेन के पूरे डोनबास क्षेत्र पर कब्जा करने के उद्देश्य से धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं, जबकि अग्रिम मोर्चे काफी हद तक स्थिर बने हुए हैं।

मास्को और कीव ने इस साल की शुरुआत में अमेरिका की मध्यस्थता में तीन दौर की शांति वार्ता की थी, जो 23-24 जनवरी, 4-5 फरवरी और 17-18 फरवरी को आयोजित हुई थी। पहले दो दौर अबू धाबी में और तीसरा दौर जेनेवा में हुआ था।

फरवरी के अंत में हालांकि ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका का ध्यान उस ओर भटकने के कारण यह वार्ता रुक गयी थी। कूटनीतिक प्रयासों का यह नया चरण अमेरिकी सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ की पिछले सप्ताह मास्को यात्रा के बाद शुरू हुआ है, जिन्होंने मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रूस को तनाव और न बढ़ाने की चेतावनी दी थी।

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