नयी दिल्ली , जनवरी 28 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने बजट सत्र के पहले दिन बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है।
सीपीआई के राज्यसभा सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण पुराने दावों की पुनरावृत्ति मात्र है, जिसमें न तो ठोस आंकड़े हैं और न ही सरकार की जवाबदेही झलकती है।
उन्होंने सरकार के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आज भी लगभग 80 करोड़ लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मुफ्त राशन पर निर्भर हैं, तो गरीबी उन्मूलन के ये दावे कैसे सही माने जाएं। सांसद ने केरल सहित विपक्ष-शासित राज्यों के साथ वित्तीय भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जीएसटी मुआवजा और केंद्रीय हिस्सेदारी रोकना सहकारी संघवाद पर हमला है।
श्री कुमार ने आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर मणिपुर हिंसा, जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति का अभाव और दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने आर्थिक मोर्चे पर रुपये के अवमूल्यन, बेरोजगारी, बढ़ती असमानता का हवाला देते हुए कहा कि संसद में रोजगार और आय वृद्धि पर कोई विश्वसनीय आंकड़ा नहीं रखा गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित