रांची , फरवरी 05 -- झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा झारखंड सरकार के खजाने से 10000 करोड़ गायब होने का आरोप लगाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
श्री शांति ने आज कहा कि राज्य गठन के बाद से राज्य के कोषागारों का ऑडिट नहीं कराया गया था जबकि डेढ़ दशक से ज्यादा समय तक राज्य में भाजपा का शासन काल रहा यह बीजेपी के मुख्यमंत्रीयों की मंशा पर सवाल उठाता है। महागठबंधन सरकार के पूर्व कार्यकाल में जब वित्त मंत्रालय में मामले की जांच करना प्रारंभ किया तो भाजपा शासनकाल की करतूतें सामने आने लगी।
वर्तमान सरकार वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ा नियंत्रण रखती है।वर्तमान में वित्त मंत्रालय ने सभी बोर्ड निगम अयोगों का भी पूर्ण आडिट कराने का निर्णय लिया है जब ऑडिट के परिणाम आएंगे तब भाजपा शासन काल का भी कलिख पुता चेहरा सामने जाएगा।
श्री शांति ने कहा कि 10000 करोड़ का मामला भी प्रथम दृष्टया भाजपा शासन काल का ही प्रतीत होता है। सरकार भी चाहती है कि पूरे मामले की गहराई से जांच हो ताकि अगर गड़बड़ी है तो सभी चेहरे बेनकाब होने चाहिए। भाजपा शासन काल में हुए गंभीर वितीय अनियमितताओं का आरोप सीधे मुख्यमंत्री और सरकार पर लगाकर बाबूलाल जी भाजपा का दामन साफ रखना चाहते हैं। देर सबेर भाजपा के मुख्यमंत्री और मंत्रियों की करतूतें सामने आने वाली हैं और बाबूलाल की इच्छा के अनुसार उन पर कार्रवाई भी होगी उन्हें थोड़ा धैर्य रखना चाहिये।
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