रायसेन , मार्च 12 -- मध्यप्रदेश के रायसेन किले में तोप चलाने और उससे जुड़े वायरल वीडियो के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने गुरुवार को किले की तलहटी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने इस मामले में रायसेन कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के क्षेत्रीय निदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रियंक कानूनगो ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि तोप के लाइसेंस देने से संबंधित कानूनी प्रावधान स्पष्ट हैं और जिला प्रशासन द्वारा इस प्रकार का लाइसेंस दिया जाना नियमों के विपरीत प्रतीत होता है।
उल्लेखनीय है कि रायसेन किले से तोप चलाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग ईरान के समर्थन में नारे लगाते हुए दिखाई दिए थे। इस घटना से नगर में सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने और तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई गई थी।
नगर निरीक्षक नरेंद्र गोयल के अनुसार फरियादी की शिकायत पर कोतवाली रायसेन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(क) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी शादाब कुरैशी सहित युसूफ शेख, वसीम मोहम्मद और पप्पू उर्फ सलमान कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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