कोप्पल , सितंबर 02 -- कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस विधायक बसवराज रायरेड्डी ने बुधवार को इस्लाम पर अपनी हालिया टिप्पणी को लेकर उठे विवाद को हिन्दू धर्म पर व्यापक बहस का रूप देने की कोशिश की। उन्होंने अपने आलोचकों को धर्म, इसकी दार्शनिक परंपराओं और उपनिषदों पर उनके साथ चर्चा करने की चुनौती दी।
श्री रायरेड्डी ने खुद पर हिन्दू-विरोधी होने के आरोपों का बचाव करने के बजाय राजनीतिक वृत्तांत को पलटने की कोशिश की और उन पर हमला बोल रहे लोगों से कहा कि वह हिन्दू धर्म पर बहस के लिए आगे आएं।
उन्होंने यहां कहा, "मैंने किसी धर्म का अपमान नहीं किया है और न ही करूंगा। अगर कोई मेरे साथ हिन्दू धर्म पर चर्चा करने के लिए तैयार है, तो आगे आए। मैं उपनिषदों के बारे में बात करूंगा। आइए बहस करते हैं।"श्री रायरेड्डी की यह चुनौती उनकी हालिया टिप्पणियों के बाद आई, जिन पर विपक्ष ने आरोप लगाया था कि उन्होंने इस्लाम को अन्य धर्मों से बेहतर बताया है, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। उनके इस कथित बयान कि वे मठों में नहीं जाते, ने आलोचना को और बढ़ा दिया। भाजपा नेताओं ने उन पर और कांग्रेस पर हिंदू-विरोधी होने का आरोप लगाया।
श्री रायरेड्डी की यह चुनौती उनकी हालिया टिप्पणी के बाद आई, जिसमें विपक्ष ने उन पर इस्लाम को अन्य धर्मों से श्रेष्ठ बताने का आरोप लगाया था। उनकी कथित टिप्पणी कि वह मठों में नहीं जाते, से विवाद और बढ़ गया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने उन्हें और कांग्रेस को हिन्दू धर्म विरोधी बताते हुए निशाना साधा।
हालांकि, कांग्रेस विधायक ने इस छवि को खारिज कर दिया और कहा कि उनकी टिप्पणियों का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने कहा, "मैंने किसी धर्म का अपमान नहीं किया है। मैंने केवल उस धर्म के कुछ पहलुओं के बारे में बात की थी। मैं किसी धर्म का अपमान नहीं करूंगा।"श्री रायरेड्डी ने अपने आलोचकों पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने पूर्व भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा का जिक्र किया और उन्हें चुनौती दी कि वे इस मुद्दे पर बहस करें, न कि मामले को केवल राजनीतिक आरोपों तक सीमित रखें।
उन्होंने कहा, "अगर प्रताप सिम्हा के पास कुछ कहने के लिए है, तो वे आएं और मेरे साथ इस पर चर्चा करें। मैं उपनिषदों के बारे में बात करने के लिए तैयार हूं।"इस विवाद ने तब एक और राजनीतिक मोड़ ले लिया जब श्री रायरेड्डी ने मठों में न जाने की बात कहने के बाद एक मंदिर का दौरा किया। इससे विपक्ष को उन पर हमला करने के और अवसर मिल गए, साथ ही कांग्रेस नेता को यह दोहराने का मौका भी मिला कि उनका रुख किसी धर्म के खिलाफ नहीं था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित