रायबरेली , जुलाई 22 -- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में मिल एरिया थाना पुलिस, साइबर थाना तथा एसओजी एवं सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में बैंक खातों का दुरुपयोग कर साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से नकदी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, फर्जी आधार कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को मिल एरिया थाने में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित ने नया व्यवसाय शुरू कराने और अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर उसकी बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड तथा बैंक खाते से संबद्ध मोबाइल सिम अपने कब्जे में ले लिया। बाद में उसकी जानकारी और अनुमति के बिना खाते से वित्तीय लेनदेन किए गए। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान गठित संयुक्त पुलिस टीम ने उपरामऊ स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के निकट छापेमारी कर गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समीर वाल्मीकि, शिवांक मिश्रा उर्फ शिवा, रितिक कुमार, लक्की सिंह (सभी निवासी रायबरेली), रणविजय सिंह (हरचंदपुर, रायबरेली), वैभव श्रीवास्तव उर्फ सन्नी तथा अभिषेक (दोनों निवासी लखनऊ) के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कम जानकारी रखने वाले लोगों को नया व्यवसाय शुरू कराने तथा अधिक आय का प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उनके बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड तथा बैंक खाते से जुड़े मोबाइल सिम अपने कब्जे में ले लेते थे। आरोपियों द्वारा पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनके खातों में ऑनलाइन गेमिंग अथवा अन्य वैध माध्यमों से धनराशि आएगी, जबकि वास्तव में इन बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धन को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14,100 रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, 10 एटीएम कार्ड, चार बैंक पासबुक, दो चेकबुक तथा सात फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शिवांक मिश्रा के विरुद्ध पहले से हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी और गैंगस्टर अधिनियम सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं लक्की सिंह के विरुद्ध भी धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम से संबंधित मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों, साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क तथा बरामद बैंक खातों के माध्यम से हुए वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच जारी है।

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