रायबरेली , अगस्त 13 -- उत्तर प्रदेश में रायबरेली जिले के ऊंचाहार क्षेत्र में एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने युवक की आत्महत्या के लिए पुलिस की प्रताड़ना को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि बसुवई गांव निवासी राजू यादव ने बुधवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना मिलने पर पीआरवी और थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि राजू के दो भांजे प्रिंस और लारेंस एक हत्या के मामले में आरोपी हैं। दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत कराने में राजू की भूमिका बताई जा रही थी। इसी प्रकरण में पुलिस द्वारा उससे पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है।
मृतक के परिजन आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस की पूछताछ और दबाव के कारण राजू मानसिक तनाव में था, जिसके चलते उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। हालांकि पुलिस ने कहा है कि इन आरोपों की जांच की जा रही है और अभी उनकी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के अनुसार राजू की पत्नी भी लंबे समय से उसके साथ नहीं रह रही थी। मामले की जांच के लिए पुलिस मृतक का मोबाइल फोन मांग रही है, लेकिन परिजनों द्वारा अभी तक मोबाइल उपलब्ध नहीं कराया गया है। जांच टीम विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही है।
मृतक के पिता की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की ओर से पहले दर्ज एक हत्या के मुकदमे में नामजद कुछ लोगों के नाम हटाने की मांग भी की जा रही है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है।
घटना की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी गिरजाशंकर त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।
परिजनों ने मृतक की पत्नी को मुआवजा दिए जाने, मुकदमे की समीक्षा करने तथा निर्दोष लोगों के नाम हटाने सहित अन्य मांगें प्रशासन के समक्ष रखी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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