रायबरेली , जुलाई 17 -- उत्तर प्रदेश के रायबरेली की जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) एवं एक जिला एक क्राफ्ट (ओडीओसी) योजना की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, विपणन और मूल्य संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य ने बताया कि ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के तहत जिले के चयनित उत्पाद काष्ठकला से संबंधित इकाइयों की स्थापना पर परियोजना लागत के अनुसार अधिकतम 25 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। वहीं ओडीओसी योजना के अंतर्गत मसाले, पेड़ा और जलेबी से जुड़ी इकाइयों को भी निर्धारित परियोजना लागत के आधार पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों व प्रदर्शनियों में भाग लेने वाले उद्यमियों को स्टॉल शुल्क की प्रतिपूर्ति की सुविधा भी दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने निफ्ट, रायबरेली के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उत्पादों के लिए आकर्षक लोगो, आधुनिक पैकेजिंग, ऑनलाइन विपणन और क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया।
निफ्ट के संयुक्त निदेशक अमिताभ चौधरी ने उत्पादों की अलग पहचान बनाने के लिए हेरिटेज स्टोरीटेलिंग, बाजार अनुसंधान और उपभोक्ता आधारित रणनीति अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर निफ्ट उद्यमियों को पैकेजिंग और ब्रांडिंग का प्रशिक्षण भी देगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जिले में आने वाले विशिष्ट अतिथियों को स्थानीय ओडीओपी और ओडीओसी उत्पाद भेंट किए जाएं तथा जिले से बाहर जाने पर भी इन्हें उपहार के रूप में ले जाया जाए, जिससे इन उत्पादों को व्यापक पहचान मिल सके। उन्होंने उपायुक्त उद्योग को योजना से जुड़े उद्यमियों के साथ एमओयू की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी कराने के निर्देश दिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित