रायबरेली , अक्टूबर 21 -- उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में शरीर के आंतरिक अंगों की स्थिति सामान्य से विपरीत होने की दुर्लभ जन्मजात स्थिति से पीड़ित 46 वर्षीय महिला की दूरबीन विधि से पित्त की थैली निकालने की सफल सर्जरी की गई। सामान्य से अलग शारीरिक संरचना के कारण चुनौतीपूर्ण रहे इस ऑपरेशन को एम्स के जनरल सर्जरी विभाग की यूनिट-एक ने सफलतापूर्वक पूरा किया। एम्स सूत्रों से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार, लालगंज क्षेत्र के पूरे विजय सिंह, रगांव की रहने वाली महिला पित्त की थैली में पथरी की समस्या से पीड़ित थी। जांच के दौरान उसमें 'सिटस इनवर्सस टोटैलिस' नामक दुर्लभ जन्मजात स्थिति का पता चला। इसमें शरीर के महत्वपूर्ण आंतरिक अंग सामान्य स्थिति के विपरीत दिशा में होते हैं और उनकी व्यवस्था आईने में दिखाई देने वाली तस्वीर जैसी होती है।
इस स्थिति में दूरबीन विधि से ऑपरेशन करना चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि सर्जन को शरीर के अंगों की असामान्य स्थिति के अनुरूप सर्जिकल उपकरणों और दूरबीन के प्रवेश बिंदुओं को व्यवस्थित करना पड़ता है। इसके बावजूद चिकित्सकों की टीम ने विशेष सावधानी बरतते हुए महिला की पित्त की थैली निकालने की सर्जरी सफलतापूर्वक की।
जनरल सर्जरी विभाग की यूनिट-एक के डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में किए गए ऑपरेशन में डॉ. प्रणभ कुशवाहा, डॉ. अमृतांशु सौरभ और डॉ. शिरीष कुमार शामिल रहे। इनके साथ वरिष्ठ आवासीय चिकित्सक डॉ. योगेश और कनिष्ठ आवासीय चिकित्सक डॉ. हिमांशु ने भी सहयोग किया। ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉ. अनिल, वरिष्ठ आवासीय चिकित्सक डॉ. निलंबरा, कनिष्ठ आवासीय चिकित्सक डॉ. अपेक्षा और नर्सिंग अधिकारी जुबैर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एम्स की निदेशक डॉ. अमिता जैन ने सफल ऑपरेशन के लिए यूनिट-एक और पूरी सर्जिकल टीम को बधाई दी। उन्होंने चिकित्सकों के समर्पण, तकनीकी दक्षता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षित सर्जरी करने की क्षमता की सराहना की।
उन्होंने कहा कि एम्स का जनरल सर्जरी विभाग जटिल मामलों में भी आधुनिक और कम चीरे वाली सर्जरी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसी सर्जरी से मरीजों को कम दर्द, छोटे घाव और अपेक्षाकृत तेजी से स्वस्थ होने का लाभ मिल सकता है। यह उपलब्धि संस्थान में आधुनिक शल्य चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञता को दर्शाती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित