रायपुर , जुलाई 31 -- छत्तीसगढ़ की केन्द्रीय जेल रायपुर में बंदियों तक प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने के लिए परिजनों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों का खुलासा हुआ है। जेल प्रशासन की सतर्कता और सघन जांच के चलते ऐसे प्रयासों को नाकाम कर प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई है। मामलों में नियमानुसार कार्रवाई भी की गई है।

जेल प्रशासन के अनुसार पिछले महीने मुलाकात के दौरान कुछ लोगों ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं के भीतर नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामग्री छिपाकर जेल परिसर तक पहुंचाने की कोशिश की थी। तलाशी के दौरान संदिग्ध वस्तुओं की जांच में प्रतिबंधित सामग्री बरामद होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

जेल अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि कुछ परिजन सीलबंद बिस्किट के पैकेट में छेड़छाड़ कर उनके अंदर नशीली टैबलेट छिपाकर ला रहे थे। पैकेट को दोबारा इस तरह सील किया जाता था कि वह बाहर से पूरी तरह फैक्ट्री पैक जैसा दिखाई दे। जांच में ऐसे पैकेटों से प्रतिबंधित सामग्री बरामद की गई।

इसके अलावा खाद्य सामग्री 'प्लाज' के अंदर गांजे की छोटी-छोटी पुड़ियां छिपाने का मामला भी सामने आया है। कुछ लोगों द्वारा प्लाज को सावधानीपूर्वक खोलकर अंदर से खाली किया जाता था और उसमें प्रतिबंधित सामग्री भरने के बाद उसे फिर से पैक कर दिया जाता था, जिससे बाहरी तौर पर छेड़छाड़ का पता नहीं चल सके।

जेल प्रशासन ने बताया कि साबुन की टिकिया का उपयोग भी प्रतिबंधित सामग्री छिपाने के लिए किया जा रहा था। साबुन को भीतर से काटकर या खोखला कर उसमें नशीले पदार्थ अथवा अन्य प्रतिबंधित सामग्री रखी जाती थी और बाद में उसे सामान्य रूप देने की कोशिश की जाती थी।

लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए जेल प्रशासन ने बंदियों के दैनिक उपयोग की कुछ चयनित सामग्रियां अब सीधे जेल कैंटीन के माध्यम से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी रूप से लागू की गई है।

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