रायपुर , अक्टूबर 05 -- छत्तीसगढ़ के रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों की पेंशन एवं ग्रेच्युटी व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा है।
श्री अग्रवाल ने उच्च शिक्षा विभाग के एक सितंबर 2026 के आदेश पर चिंता जताते हुए इसे निरस्त करने अथवा इसके क्रियान्वयन पर रोक लगाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को करीब चार दशकों से पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ दिए जा रहे थे।
उन्होंने पत्र में कहा कि विभागीय आदेश क्रमांक 38-2, दिनांक 12 अक्टूबर 2010 के तहत पांचवें वेतनमान के आधार पर पात्र कर्मचारियों को यह लाभ नियमित रूप से मिल रहा था, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग के एक सितंबर 2026 को जारी आदेश क्रमांक 18649/2026/38-2 के बाद यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हुई है।
सांसद ने कहा कि इन महाविद्यालयों में लंबे समय तक सेवा देने वाले अधिकांश सेवानिवृत्त प्राध्यापक और कर्मचारी अब 70 से 90 वर्ष की आयु के हैं। इस उम्र में पेंशन उनकी दैनिक जरूरतों और चिकित्सा खर्च का प्रमुख आधार है। ऐसे में पेंशन बंद होने से उनके सामने आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा की स्थिति बन सकती है।
श्री अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उच्च शिक्षा विभाग के संबंधित आदेश को निरस्त करने अथवा उस पर रोक लगाने और पात्र सेवानिवृत्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को पूर्व व्यवस्था के अनुसार पेंशन तथा ग्रेच्युटी का भुगतान जारी रखने का आग्रह किया है।
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